भारत छोड़ो आंदोलन

942 अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन, महात्मा गांधी के करो या मरो नारा के आवाहन से जनपद गाजीपुर के सादात थाना में कुट्टुपुर निवासी अलगू यादव को अंग्रेजों की बंदूक से निकली गोली भारत माता के वीर सपूत को हमेशा के लिए चिर निद्रा में सुला दी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के सैकड़ों क्रांतिकारियों जिसमें मुख्य रुप से जीतन पांडे,रघुनाथ यादव, जीऊत कोइरी, शिवनाथ यादव ,रहतुल्लाह ,परसिद्धन लोहार ,सुक्खू साव ,दमड़ी सेठ, नथई यादव, रज्जू यादव एवं हरिप्रसाद सिंह आदि लोगों ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। क्रांतिकारियों ने रेलवे स्टेशन, सरकारी बीज गोदाम को लुटवा दिया। जिसके फलस्वरूप अंग्रेजी पुलिस क्रांतिकारियों पर टूट पड़ी।
देशभक्तों एवं क्रांतिकारियों की भीड़ थाने पर कुच कर सादात थाना को फूंक दिया जिसमें थाना प्रपत्र वह दीवान जिंदा जल गए।
इनकी मजार थाने के बीच बन गई। लेकिन आजादी के दीवानों का कोई प्रतिमा स्मारक आज तक नहीं बना है यह समाचार प्रत्येक वर्ष समाचार पत्रों में निकलता है लेकिन शासन प्रशासन पर कोई भी असर नहीं पड़ता ।
वर्तमान सरकार द्वारा आजादी के 75 वर्षगांठ के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। लेकिन इन शहीदों के सम्मान का उसने किया जाना निराशाजनक है।
(हमारे देश का भाग्य है या दुर्भाग्य की हमे अपनी आजादी का जश्न किस प्रकार से मनाना है यह सब सरकार तय कर रही हैं )

पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं मानव सेवा समिति के निदेशक रमेश यादव ने क्रांतिकारियों की त्याग एवं बलिदान अंदर से झकझोर दिया। आज अपने साथियों के साथ अलगू यादव के पैतृक गांव कुतु पुर गए। शहीद के परिवार जन से मुलाकात करके एवं स्मारक बनाने का प्रस्ताव रखा जिसको जनई, नंदलाल, फेंकू, श्याम बिहारी एवं घर की महिलाओं के सहर्ष अपनी जमीन देने हेतु तैयार हो गई ।साथियों द्वारा निर्णय लिया गया कि आजादी के महोत्सव 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद अलगू यादव स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के सम्मान में भव्य स्मारक का निर्माण किया जाएगा जिसका शिलान्यास किया जाएगा जिसमें जनपद जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक को भी आमंत्रित किया जाना है ।इस मौके पर जनई यादव नंद लाल यादव रमेश यादव संजय सुनील रमेश पत्रकार सुवच्चन मोहन सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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